नीलिमा और शुक्ला : दो जुड़वा बहनें नीली और सफेद पेट्रिया वोलुबिलिस प्रकृति किसी वनस्पति, जीव, भूखंड, नदी, नाले, वृक्ष, फूल, फल, पौधे, पत्थर, कंकर, पहाड़, खाई, खोह या कोह आदि को कोई नाम नहीं देती। मनुष्य देता है। अनाम भूखंड, द्वीप, महाद्वीप, प्रायद्वीप, समुद्र आदि के नाम देकर रहनेवाले मनुष्य चाहे यूरोप के हों या एशिया के, इंडोनेशिया के हों या इंडिया के, एक अनाम भूखंड को नाम देकर रहनेवाले अनाम जीव ही तो थे। ये अनाम जीव ही आर्कमिडीज़ होकर लोकप्रिय हुए या आर्यमिहिर होकर ख्यातनाम हुए। इनमें कोई घुमक्कड़ कोलम्बस हुआ, कोई घुमक्कड़ वास्कोडिगामा हुआ। कोई इतिहासकार इब्नेबतूता हुआ तो कोई ह्वेनसांग हो गया। फाह्यान, मार्कोपोलो, अलबरूनी, होरोडोटस, मेगस्थनीज, कल्हण, अबुलफजल आदि एक लंबी फेहरिस्त है। इन यायावरों और इतिहासकारों के नाम हटा दीजिए तो क्या बचेगा? एक रंगहीन शून्य। हमारे नाम और भारतीय संदर्भों में हमारे सरनेम (उपनाम या जाति-नाम) ही हमारी पहचान है। हमारे धर्म की पहचान है। धर्म बदलते ही उपनाम और ...